राज्यपाल मिश्र को भेंट की पुस्तकों की प्रथम प्रतियां: पन्नालाल मेघवाल ने लिखी है ‘राजस्थान हस्तशिल्प कलाएं’ और ‘द हैंडीक्राफ्ट्स ऑफ राजस्थान’ पुस्तक Newshindi247

राज्यपाल मिश्र को भेंट की पुस्तकों की प्रथम प्रतियां: पन्नालाल मेघवाल ने लिखी है ‘राजस्थान हस्तशिल्प कलाएं’ और ‘द हैंडीक्राफ्ट्स ऑफ राजस्थान’ पुस्तक Letest Hindi News

जयपुर7 घंटे पहले

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राज्यपाल कलराज मिश्र को राजभवन में बुधवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक पन्नालाल मेघवाल ने अपनी पुस्तक ‘राजस्थान हस्तशिल्प कलाएं’ एवं उसका अंग्रेजी अनुवाद ‘दी हैंडीक्राफ्ट्स ऑफ राजस्थान’ की प्रथम प्रतियां भेंट की। 

राज्यपाल कलराज मिश्र को राजभवन में बुधवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक पन्नालाल मेघवाल ने अपनी पुस्तक ‘राजस्थान हस्तशिल्प कलाएं’ एवं उसका अंग्रेजी अनुवाद ‘दी हैंडीक्राफ्ट्स ऑफ राजस्थान’ की प्रथम प्रतियां भेंट की। मेघवाल ने बताया- ‘राजस्थान हस्तशिल्प कलाएं’ एवं उसके अनुवाद ‘द हैंडीक्राफ्ट्स ऑफ राजस्थान’ पुस्तक में राजस्थान की परंपरागत हस्तशिल्प कलाओं के बारे में शोध परक जानकारियां शामिल की गई हैं।

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा का दीक्षान्त समारोह आयोजित:
संत सुधासागर सभागार में वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा के 15वें दीक्षान्त समारोह के अवसर पर राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि दूरस्थ शिक्षा पद्धति के माध्यम से सस्ती और सर्वसुलभ शिक्षा समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि तकनीकी क्रांति की बदौलत विश्वविद्यालय घर बैठे शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे तो अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक उच्च शिक्षा का उजियारा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ शिक्षा का महत्व बढता जा रहा है, कोरोना महामारी के समय दूरस्थ शिक्षा के केन्द्र घर बैठे विद्यार्थियों को ऑनलाइन किताबें और वीडियो लेक्चर के जरिए मदद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में हमें समाजोपयोगी शोध मानकों पर बल देना होगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फलक पर उत्कृष्ट शोध परिणाम से पहचान बनेगी, चिकित्सा अनुसंधानों में हमने अपनी मेधा के बल पर पूरे विश्व को दिखा दिया, अब अन्य क्षेत्रों में भी अपनी उत्कृष्टता का परिचय देना होगा।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ शिक्षा में साधारण पाठ्यक्रमों के अलावा वोकेशनल और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की पढ़ाई पर और जोर दिया जाना चाहिए जिससे इस शिक्षा के जरिए बेरोजगारी दूर की जा सके। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान वाले विद्यार्थी अपने नए स्टार्टअप के साथ रोजगारों का सृजन करें और वोकेशनल कोर्स करने वाले विद्यार्थी भी उपयुक्त रोजगार पा सकें, जिससे आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार किया जा सकता है।

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Post Credit :- www.bhaskar.com
Date :- 2023-03-15 14:00:43

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