राजस्थान में आई फ्लू का कहर, प्रदेश में मरीजों की संख्या डेढ़ लाख के पार

राजस्थान में आई फ्लू का कहर, प्रदेश में मरीजों की संख्या डेढ़ लाख के पार

हाइलाइट्स

राजस्थान में आई फ्लू का कहर
एक महीने में मरीजों की संख्या डेढ़ लाख के पार हुई
विशेषज्ञों ने दी मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह

जयपुर. बारिश के मौसम में नमी और संक्रमण के चलते मौसमी बीमारियों ने घरों में दस्तक दे दी है. जिसके चलते राज्य में डेंगू मलेरिया के केस सामने आने लगे हैं. बीते एक महीने में आई फ्लू से संक्रमित मरीजों की संख्या डेढ़ लाख के पार पहुंच गई है. अस्पताल में पहुंचने वाला हर तीसरा या चौथा मरीज आई फ्लू से पीडि़त है. तीन दशकों में पहली बार आई फ्लू के इतने मरीज देखने को मिल रहे हैं. कई जगह एंटी बॉयोटिक दवा की किल्लत भी सामने आ रही है.

एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर के अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने बताया- देश के कई राज्यों में आई फ्लू का कहर लगातार जारी है. लाखों लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं. आई फ्लू एक वायरल इंफेक्शन होता है, जो आंखों को संक्रमित कर देता है. डॉक्टर्स की भाषा में इसे कंजक्टिवाइटिस कहा जाता है. आमतौर पर यह वायरस या बैक्टीरिया की वजह से होता है. हालांकि इन दिनों जो फ्लू लोगों को अपना शिकार बना रहा है, वह वायरल इंफेक्शन है. इसकी चपेट में आने पर लोगों की आंखें लाल हो जाती हैं और आंखों से फ्लूड निकलने लगता है. आंखों में सूजन साथ इरिटेशन भी होने लगती है.

अस्पतालों में लग रही हैं लंबी कतारें
जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल की धनवंतरी ओपीडी और चरक भवन में सुबह से लाइनों में लगने वाले मरीजों को दोपहर बाद तक जांच परामर्श और दवा मिल पा रही है. यहां पर आई फ्लू के मरीजों की संख्या प्रतिदिन ढाई सौ तक बनी हुई है. कई मरीज दवा प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में लगे दिखाई दे रहे हैं. अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर अचल शर्मा ने दवा संकट से इंकार करते हुए कहा- मौसमी बीमारियों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है.

लोगों में हवा के जरिए संक्रमण फैलने की भ्रांति
नेत्र रोग विशेषज्ञों के अनुसार आई फ्लू के मरीजों में इस बात कि भ्रांति फैल गई है कि यह संक्रमण हवा के जरिए लोगों में फैल रहा है. जबकि यह केवल संक्रमित हाथों या सरफेस के माध्यम से फैल रहा है. कंजंक्टिवाइटिस होने पर अपने हाथों को अक्सर साबुन और गर्म पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं. अपनी संक्रमित आंख को साफ करने या आई ड्रॉप लगाने से पहले और बाद में उन्हें अच्छी तरह से धोएं. अगर साबुन और पानी उपलब्ध नहीं है तो अल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें. साफ हाथों से कॉटन बॉल का उपयोग करके दिन में कई बार अपनी आंखों के आसपास से किसी भी तरह के स्त्राव को साफ करें.

मौसमी बीमारियों के प्रकोप ने बढ़ाई चिंता
मौसम में कभी तेज बारिश तो कभी उमस और गर्मी के कारण तापमान में गिरावट स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है. सर्दी- खांसी जुकाम, वायरल बुखार और उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. मौसम में नमी के कारण मच्छर भी पनप रहे हैं. जिससे मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों के आंकड़े भी बढ़ गए हैं. प्रदेश में चिकनगुनिया और स्क्रब टाइफस के रोगियों की संख्या में अचानक से इजाफा हो गया है.

चिकित्सा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में डेंगू के अभी तक कुल 683 मामले सामने आ चुके हैं. जयपुर में सर्वाधिक 232 मामले दर्ज किए गए हैं. जबकि एक व्यक्ति की मौत भी डेंगू के कारण हो चुकी है. वहीं मलेरिया के 686, चिकिनगुनिया के 56 और स्क्रब टाइफस के 268 मामले सामने आ चुके हैं. स्क्रब टाइफस से पीड़ित 2 मरीजों की मौत हो चुकी है.

hindi.news18.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *